आज की ताजा खबर

निदेशक को भेजे चार स्कूलों में समायोजन के ऑप्शन

top-news

लखनऊ। जर्जर बिल्डिंग होने के नाते हुसैनगंज स्थित चुटकी भंडार गर्ल्स कॉलेज को बंद करने के हाईकोर्ट के फरमान के बाद हुसैनगंज के आसपास के चार स्कूलों बीएसएनवी, ए.पी.सेन मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज, कैंट स्थित संस्कृत पाठशाला और शशि भूषण बालिका विद्यालय में अब शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। समायोजन की पहली कड़ी में स्कूल में पढ़ रहे बमुश्किल 30-40 बच्चों में से 25 बच्चों का समायोजन आसपास के स्कूलों में कर दिया गया है, ऐसे में माना जा रहा है कि अब बहुत जल्द शिक्षकों और कर्मचारियों का भी समायोजन होगा।
 हुसैनगंज क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में किसी तरह से खड़ी 100 साल पुरानी बिल्डिंग में चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज चल रहा था। कॉलेज को चलाए रखने की मजबूरी मैनेजर को तो थी ही क्योंकि इससे उसे समाज में प्रतिष्ठा और बच्चों के न होने के बावजूद भी प्रतिवर्ष ट्रांसफर होकर आए टीचरों को ज्वाइन कराने से उम्मीद जगी रहती थी। पिछले कई वर्षों में ऐसे कई हादसे हुए, जिसमें बच्चों की जान पर बन आयी जबकि छोटी-मोटी चोटें तो टीचरों और कर्मचारियों को कई बार लगी है। बहरहाल जिलाधिकारी और पीडब्ल्यूडी की टीम ने करीब 4 वर्ष पहले ही स्कूल की इस बिल्डिंग को खंडहर घोषित कर दिया था, बाद में जब यह शिकायत आइजीआरएस पोर्टल से होते हुए हाईकोर्ट तक पहुंची तो एक बार फिर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस खंडहर बिल्डिंग में चल रहे स्कूल की जांच उच्चाधिकारियों से करवाई और पाया कि स्कूल की 100 साल पुरानी जर्जर बिल्डिंग अब ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती, ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है और बच्चों को जानते-बूझते हादसे के हवाले नहीं किया जा सकता। ऐसे में उच्च न्यायालय के तीन पन्ने के स्पष्ट निर्णय में न केवल छात्रों बल्कि सभी कर्मचारियों और शिक्षकों को भी आसपास के स्कूलों में समायोजित करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने पिछले दिनों डायरेक्टर महेंद्र देव को एक पत्र के माध्यम से इस पूरी वस्तु स्थिति और हाईकोर्ट में चल रहे गतिविधियों और आदेशों की जानकारी दी थी और इस पत्र में ही उन्होंने समायोजन की स्थिति में शिक्षिकाओं को हुसैनगंज के आसपास चल रहे चार ऐडेड स्कूलों बीएसएनवी, ए.पी.सेन मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज, कैंट स्थित संस्कृत पाठशाला और शशि भूषण बालिका विद्यालय का नाम भी डिस्क्लोज किया था। माना जा रहा है कि अब इन्हीं चार स्कूलों में चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज की 19 शिक्षिकाओं का ट्रांसफर होना तय है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने अपने आदेश में स्पष्ट कर रखा है कि 15 मई से एक हफ्ते के अंदर इन सभी शिक्षिकाओं, करीब सात कर्मचारियों और छात्रों का समायोजन जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार पांड़े को ही सुनिश्चित करना है, ऐसे में पिछले कई वर्षों से विभागीय नियमों को तोड़ मरोड़कर मैनेजर की मैनेजरी बचा रहे राकेश कुमार पांड़े बैकफुट पर है। तथ्य यह भी है कि डायरेक्टर महेंद्र देव को जो पत्र उन्होंने लिखा था, उस पत्र को ही उन्होंने हलफनामा देकर हाईकोर्ट में दाखिल किया है, ऐसे में स्पष्ट रूप से उन्हें सभी कर्मचारियों को 22 मई तक समायोजन करने के आदेश जारी कर देने चाहिए थे, क्योंकि यह सभी समायोजन जॉइंट डायरेक्टर डॉ.प्रदीप सिंह के लेवल से ही होने हैं, इसकी फाइल एडिशनल डायरेक्टर यानी मनोज कुमार द्विवेदी या डायरेक्टर महेंद्र देव तक भी नहीं जाती है। ऐसे में बहुत ज्यादा कोई झंझट भी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद 23 मई की तारीख बीत जाने तक भी अभी किसी भी शिक्षक व कर्मचारियों को जॉइनिंग का नया लेटर नहीं मिला है, ऐसे में माना जा रहा है कि माननीय उच्च न्यायालय से कई बार फटकार खाने के बाद भी जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार पाड़े की हरकतों में अभी भी कोई सुधार नहीं है। और उनके चक्कर में क्या अब जॉइंट डायरेक्टर डॉ प्रदीप सिंह  एडिशनल डायरेक्टर मनोज कुमार द्विवेदी और रिटायर होने में कुछ ही दिन शेष बचे डायरेक्टर (माध्यमिक) महेंद्र देव की बारी है?



नगर निगम वापस ले सकती है जमीन, बन सकता है गर्ल्स कॉलेज

लखनऊ। हुसैनगंज स्थित चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज की जमीन नजूल की बताई जाती है और यह जमीन नगर निगम ने उस समय स्कूल खोलने के लिए दान में दी थी। माना जा रहा है कि अब उच्च न्यायालय द्वारा स्कूल की बिल्डिंग जर्जर होने के कारण इसे तत्काल बंद कर देने के आदेश के बाद नगर निगम जल्द ही अपनी जमीन वापस लेने की कार्रवाई शुरू करेगा। क्षेत्रीय नेताओं का कहना है कि महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल से मिलकर वह स्कूल की खाली पड़ी जमीन पर नगर निगम इंटर कॉलेज और नगर निगम डिग्री कॉलेज दोनों एक साथ खोलने की मांग करेंगे। क्षेत्रीय नेताओं का कहना था कि इतने अच्छे और बड़े विद्यालय होने के बावजूद भी पिछले कई वर्षों से सिर्फ मैनेजमेंट ने इस स्कूल से खाया है एक पैसा भी लगाया नहीं है ऐसे में स्कूल खंडहर होता चला गया और मैनेजमेंट के लोग करोड़पति होते चले गए। ऐसे में वह लोग उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, नगर विकास मंत्री ए.के.शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार से मांग करेंगे कि उनके क्षेत्र में नगर निगम का कोई अच्छा स्कूल नहीं है, ऐसे में नगर निगम की जमीन पर यदि ऐडेड के बजाय भव्य नगर निगम गर्ल्स इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज दोनों खुल जाएगा तो मोहल्ले और आसपास की बच्चियों को कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और स्नातक तक की पढ़ाई आसानी से हो जाएगी। उनका कहना था कि क्योंकि अब स्कूल खत्म हो चुका है और मान्यता प्रत्याहरण की भी कार्यवाही जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा शुरू हो ही चुकी है, ऐसे में ना तो मैनेजमेंट बचा है और न ही मैनेजर। ऐसे में स्कूल के मैनेजर पवन वर्मा पूर्व मैनेजर हो चुके हैं और पत्नी और बेटे के कमेटी में शामिल होते ही कमेटी भी पूरी तरह से फर्जी और विवादित हो गई थी। ऐसे में सरकार जल्द से जल्द यहां पर नगर निगम का स्कूल खोलने की कार्रवाई शुरू करे।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *